Biology · Biological Processes
शहद में शर्करा (Sugars) की सांद्रता अत्यधिक होने पर भी उसके खराब न होने का मुख्य कारण क्या है?
- 1निर्माण के दौरान शहद एक प्राकृतिक पाश्चुरीकरण प्रक्रिया से गुजरता है
- 2शहद का कम पीएच (pH) स्तर बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति को पूरी तरह से नष्ट कर देता है
- 3उच्च परासरणी सामर्थ्य (Osmotic Pressure) के कारण यह सूक्ष्मजीवों से पानी सोख लेता है, जिससे वे जीवित नहीं रह पाते✓
- 4इसमें प्राकृतिक परिरक्षक रसायन होते हैं जो बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकते हैं
सही उत्तर देखें
उच्च परासरणी सामर्थ्य (Osmotic Pressure) के कारण यह सूक्ष्मजीवों से पानी सोख लेता है, जिससे वे जीवित नहीं रह पाते
व्याख्या
सही उत्तर:
- (B) उच्च परासरणी सामर्थ्य (Osmotic Pressure) के कारण यह सूक्ष्मजीवों से पानी सोख लेता है, जिससे वे जीवित नहीं रह पाते
विस्तृत स्पष्टीकरण:
संरचना: शहद में प्राकृतिक रूप से शर्करा (मुख्य रूप से फ्रुक्टोज और ग्लूकोज) की सांद्रता अत्यधिक होती है और इसमें पानी की मात्रा बहुत ही कम (लगभग 17-18%) होती है।
परासरण (Osmosis): इसके उच्च परासरणी दाब (Osmotic Pressure) के कारण, यदि कोई बैक्टीरिया या सूक्ष्मजीव शहद के संपर्क में आता है, तो शहद उसकी कोशिकाओं से सारा पानी खींच लेता है।
मुख्य बिंदु:
पानी की कमी (निर्जलीकरण) के कारण सूक्ष्मजीव या तो मर जाते हैं या अपनी वृद्धि नहीं कर पाते।
इस विशिष्ट रासायनिक और भौतिक गुण के कारण शहद वर्षों तक बिना खराब हुए सुरक्षित रहता है।
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