Biology · Pasteurization
दूध संरक्षण में पाश्चुरीकरण (pasteurization) प्रक्रिया का प्राथमिक जैविक उद्देश्य क्या है?
- 1लैक्टोज की रासायनिक संरचना को ग्लूकोज और गैलेक्टोज में बदलना
- 2रोगजनक सूक्ष्मजीवों को नष्ट करना और खराब करने वाले जीवों को कम करके शेल्फ जीवन को बढ़ाना✓
- 3गर्मी के सक्रियण के माध्यम से दूध में वसा और विटामिन की मात्रा बढ़ाना
- 4माइक्रोबियल जीवन और बीजाणुओं के सभी रूपों को नष्ट करके दूध को पूरी तरह से कीटाणुरहित (sterilize) करना
सही उत्तर देखें
रोगजनक सूक्ष्मजीवों को नष्ट करना और खराब करने वाले जीवों को कम करके शेल्फ जीवन को बढ़ाना
व्याख्या
दूध के पाश्चुरीकरण (Pasteurization) का उद्देश्य
स्पष्टीकरण: पाश्चुरीकरण एक ऐसी तापीय प्रक्रिया है जिसमें दूध को एक निर्धारित तापमान पर गर्म करके तुरंत ठंडा किया जाता है।
प्राथमिक उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य दूध में मौजूद सभी हानिकारक रोगजनक सूक्ष्मजीवों (pathogens) को नष्ट करना और खाद्य सामग्री को खराब करने वाले जीवाणुओं की संख्या को कम करके दूध के शेल्फ जीवन (shelf life) को सुरक्षित रूप से बढ़ाना है। यह दूध को पूरी तरह से स्टरलाइज नहीं करता, बल्कि मानव उपभोग के लिए सुरक्षित बनाता है।
निष्कर्ष: सही विकल्प
- (C) रोगजनक सूक्ष्मजीवों को नष्ट करना और खराब करने वाले जीवों को कम करके शेल्फ जीवन को बढ़ाना है।
Download Single Question PDF
Save this question and verified answer as a clean study sheet with live clickable link.
Share with Friends & Study Groups
Challenge your peer aspirants on WhatsApp or Telegram to solve this question!
Preparing for Biology?
Practice full-length Biology mock tests with real exam timers, instant score analysis, and all-India ranking.
Want more practice questions on Pasteurization?
Solve complete topic-wise tests with detailed solutions on GkGet.
Related Practice Questions
Recommended practice questions in Biology · Pasteurization