Economics · Capital Market
सेबी (संशोधन) अधिनियम 2002 के अनुसार, 'इनसाइडर ट्रेडिंग' (भेदिया कारोबार) के लिए सेबी द्वारा अधिकतम कितना मौद्रिक जुर्माना लगाया जा सकता है?
- 1100 करोड़ रुपये तक
- 250 करोड़ रुपये तक
- 325 करोड़ रुपये तक या इनसाइडर ट्रेडिंग से अर्जित लाभ की राशि का तीन गुना, जो भी अधिक हो✓
- 410 करोड़ रुपये तक
सही उत्तर देखें
25 करोड़ रुपये तक या इनसाइडर ट्रेडिंग से अर्जित लाभ की राशि का तीन गुना, जो भी अधिक हो
व्याख्या
स्पष्टीकरण:
सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) अधिनियम, 2002 के तहत प्रतिभूति बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। 'इनसाइडर ट्रेडिंग' (भेदिया कारोबार) एक ऐसी अवैध प्रथा है जिसमें कंपनी के आंतरिक लोग (जैसे अधिकारी, निदेशक या कर्मचारी) गोपनीय और संवेदनशील जानकारी का उपयोग करके शेयर बाजार में लाभ कमाते हैं।
मुख्य बिंदु:
जुर्माने का प्रावधान: सेबी अधिनियम के संशोधन के अनुसार, इनसाइडर ट्रेडिंग के दोषी पाए जाने पर अधिकतम 25 करोड़ रुपये तक या इनसाइडर ट्रेडिंग के माध्यम से अर्जित लाभ की राशि का तीन गुना, जो भी अधिक हो, जुर्माना लगाया जा सकता है।
उद्देश्य: इस कड़े जुर्माने का उद्देश्य निवेशकों के हितों की रक्षा करना और बाजार में निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।
सही विकल्प:
- (B) 25 करोड़ रुपये तक या इनसाइडर ट्रेडिंग से अर्जित लाभ की राशि का तीन गुना, जो भी अधिक हो।
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