Geography · Solar eclipse
सूर्य ग्रहण किस चंद्र चरण (lunar phase) के दौरान और किस स्थिति में होता है?
- 1अमावस्या चरण; जब चंद्रमा एक नोड पर पृथ्वी-सूर्य के कक्षीय तल को काटता है✓
- 2अमावस्या चरण; केवल जब चंद्रमा अपने सबसे दूर बिंदु (अपभू) पर होता है
- 3पूर्णिमा चरण; जब चंद्रमा एक नोड पर पृथ्वी-सूर्य के कक्षीय तल को काटता है
- 4पूर्णिमा चरण; जब चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की कक्षा से 90 डिग्री पर झुकी होती है
सही उत्तर देखें
अमावस्या चरण; जब चंद्रमा एक नोड पर पृथ्वी-सूर्य के कक्षीय तल को काटता है
व्याख्या
स्पष्टीकरण:
सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या (New Moon) के चरण में होता है, क्योंकि इस स्थिति में चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के ठीक बीच में स्थित होता है। हालांकि, हर अमावस्या को सूर्य ग्रहण नहीं होता क्योंकि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी के कक्षीय तल (orbital plane) से लगभग 5 डिग्री के कोण पर झुकी हुई है। सूर्य ग्रहण केवल तभी घटित हो सकता है जब चंद्रमा अमावस्या के समय उस बिंदु पर हो जहाँ उसकी कक्षा पृथ्वी-सूर्य के कक्षीय तल को काटती है (जिसे 'नोड' या पाद कहा जाता है)।
मुख्य बिंदु:
सही विकल्प:
- (D) अमावस्या चरण; जब चंद्रमा एक नोड पर पृथ्वी-सूर्य के कक्षीय तल को काटता है।
कारण: कक्षा का झुकाव होने के कारण चंद्रमा हर बार सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरने पर ऊपर या नीचे से निकल जाता है, और केवल नोड (Intersection point) पर ही संरेखण सटीक होता है।
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