Indian Polity · The Preamble
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थापित भारतीय संवैधानिक ढांचे में प्रस्तावना मुख्य रूप से क्या उपयोगिता प्रदान करती है?
- 1यह मौलिक स्वतंत्रताओं पर सीमाओं के एकमात्र स्रोत के रूप में कार्य करती है।
- 2यह अस्पष्ट संवैधानिक प्रावधानों की व्याख्या और समझ के लिए एक कुंजी के रूप में कार्य करती है।✓
- 3यह आपातकाल के दौरान संविधान के स्पष्ट प्रावधानों को खारिज करती है।
- 4यह संसद को स्वतंत्र विधायी शक्तियां प्रदान करती है।
सही उत्तर देखें
यह अस्पष्ट संवैधानिक प्रावधानों की व्याख्या और समझ के लिए एक कुंजी के रूप में कार्य करती है।
व्याख्या
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थापित भारतीय संवैधानिक ढांचे में प्रस्तावना की उपयोगिता के संबंध में सही उत्तर
- (C) यह अस्पष्ट संवैधानिक प्रावधानों की व्याख्या और समझ के लिए एक कुंजी के रूप में कार्य करती है है।
मुख्य बिंदु:
संविधान निर्माताओं के मन की कुंजी: प्रस्तावना संविधान के मूल उद्देश्यों, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों को स्पष्ट करती है।
व्याख्या में सहायक: जब भी संविधान के किसी अनुच्छेद या प्रावधान का अर्थ अस्पष्ट या संदिग्ध होता है, तो न्यायालय संविधान के सच्चे अर्थ और उद्देश्य को समझने के लिए प्रस्तावना का सहारा लेते हैं।
विधायी शक्तियों का विस्तार नहीं: प्रस्तावना न तो संसद को कोई नई या स्वतंत्र विधायी शक्ति देती है और न ही यह आपातकाल के दौरान स्पष्ट प्रावधानों को खारिज करने का अधिकार प्रदान करती है। यह केवल एक मार्गदर्शक दर्शन के रूप में कार्य करती है।
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