Indian Polity · Indian Parliament
संसद में विभिन्न विधेयकों और प्रस्तावों को पारित करने के लिए भारत के संविधान के तहत मुख्य रूप से कितने प्रकार के बहुमत का उपयोग किया जाता है?
- 1पाँच प्रकार
- 2चार प्रकार✓
- 3तीन प्रकार
- 4दो प्रकार
सही उत्तर देखें
चार प्रकार
व्याख्या
भारतीय संविधान के तहत संसद में विभिन्न विधेयकों, प्रस्तावों और संवैधानिक संशोधनों को पारित करने के लिए मुख्य रूप से चार प्रकार के बहुमतों का प्रावधान और उपयोग किया जाता है।
मुख्य बिंदु:
साधारण बहुमत (Simple/Working Majority): सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का 50% से अधिक बहुमत (सामान्य कानून, साधारण विधेयक और अविश्वास प्रस्ताव आदि के लिए)।
प्रभावी बहुमत (Effective Majority): सदन की कुल प्रभावी सदस्य संख्या (कुल संख्या में से रिक्तियों को घटाकर) का 50% से अधिक बहुमत (जैसे राज्य सभा के सभापति या लोकसभा के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव के लिए)।
विशेष बहुमत (Special Majority
- - Article 249/312): सदन के कुल उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का कम से कम 2/3 (दो-तिहाई) बहुमत।
विशेष बहुमत और राज्यों का अनुसमर्थन (Special Majority with State Ratification): संसद के विशेष बहुमत (कुल सदस्यों का बहुमत और उपस्थित-मतदान करने का 2/3 बहुमत) के साथ-साथ देश के कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों की सहमति (यह विशेष रूप से संविधान के संघीय प्रावधानों से जुड़े संशोधनों के लिए आवश्यक है)।
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