Indian Polity · Polity
संसद द्वारा पारित कोई विधेयक राष्ट्रपति की सहमति के बिना कानून नहीं बन सकता, यह प्रावधान किस संवैधानिक सिद्धांत को दर्शाता है?
- 1संतुलन और नियंत्रण (Checks and Balances)✓
- 2संसदीय संप्रभुता
- 3न्यायिक समीक्षा
- 4शक्तियों का पृथक्करण
सही उत्तर देखें
संतुलन और नियंत्रण (Checks and Balances)
व्याख्या
सही उत्तर:
- (D) संतुलन और नियंत्रण (Checks and Balances)
विस्तृत स्पष्टीकरण:
सैद्धांतिक अर्थ: "संतुलन और नियंत्रण" (Checks and Balances) का सिद्धांत यह सुनिश्चित करता है कि सरकार का कोई भी अंग (विधायिका, कार्यपालिका या न्यायपालिका) अपनी शक्तियों का दुरुपयोग न कर सके और प्रत्येक अंग पर अन्य अंगों का नियंत्रण बना रहे।
संसद और राष्ट्रपति की भूमिका: भारतीय संविधान के अनुसार, संसद (लोकसभा और राज्यसभा) द्वारा पारित कोई भी विधेयक तब तक कानून (अधिनियम) का रूप नहीं ले सकता, जब तक कि देश के राष्ट्रपति उस पर अपनी अंतिम सहमति (हस्ताक्षर) न दे दें।
नियंत्रण की व्यवस्था: यहाँ विधायिका (संसद) कानून बनाती है, लेकिन कार्यपालिका के प्रमुख (राष्ट्रपति) के पास उस पर वीटो शक्ति या सहमति रोकने का अधिकार होता है। यह व्यवस्था शासन प्रणाली में शक्ति के संतुलन और पारस्परिक नियंत्रण को बनाए रखती है।
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