History · Maratha Empire
शिवाजी महाराज द्वारा लागू की गई भूमि राजस्व प्रणाली के तहत, भूमि राजस्व के निर्धारण का प्राथमिक आधार क्या था?
- 1खेती के तहत आने वाले क्षेत्र की परवाह किए बिना निश्चित समान कर
- 2सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को राजस्व वसूली के अधिकारों की नीलामी करना
- 3पिछले वर्ष की उपज के आधार पर मनमाना अनुमान
- 4एक मानक छड़ी (काठी) का उपयोग करके भूमि का वास्तविक माप✓
सही उत्तर देखें
एक मानक छड़ी (काठी) का उपयोग करके भूमि का वास्तविक माप
व्याख्या
प्रश्न: शिवाजी महाराज द्वारा लागू की गई भूमि राजस्व प्रणाली के तहत, भूमि राजस्व के निर्धारण का प्राथमिक आधार क्या था?
सही उत्तर:
- (A) एक मानक छड़ी (काठी) का उपयोग करके भूमि का वास्तविक माप
विस्तृत स्पष्टीकरण और मुख्य बिंदु:
वास्तविक माप (Actual Measurement): छत्रपति शिवाजी महाराज ने अनुमान या मनमाने तरीकों के बजाय भूमि की सटीक पैमाइश पर जोर दिया। इसके लिए कृषि योग्य भूमि का वास्तविक क्षेत्रफल मापने की वैज्ञानिक पद्धति अपनाई गई।
पारदर्शिता और न्याय: इस प्रणाली से किसानों और राज्य दोनों के लिए स्पष्टता आई, क्योंकि कर निर्धारण का आधार कयास न होकर वास्तविक उपज और भूमि का क्षेत्रफल था।
दलालों का उन्मूलन: राजस्व वसूली में बिचौलियों (जैसे जागीरदारों या वतनदारों) के प्रभाव को कम करने के लिए सीधी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित की गई।
किसानों का हित: इस बात का ध्यान रखा जाता था कि कर का बोझ किसानों की सहनशक्ति से अधिक न हो, जिससे कृषि उत्पादन को प्रोत्साहन मिला।
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