Indian Polity · Indian Parliament
विधेयक की प्रकृति के आधार पर, संसद में उसे पारित करने के लिए किस प्रकार के बहुमत की आवश्यकता हो सकती है?
- 1केवल प्रभावी बहुमत
- 2साधारण, विशेष, या राज्यों के अनुसमर्थन के साथ विशेष बहुमत✓
- 3केवल विशेष बहुमत
- 4केवल साधारण बहुमत
सही उत्तर देखें
साधारण, विशेष, या राज्यों के अनुसमर्थन के साथ विशेष बहुमत
व्याख्या
सही उत्तर:
- (C) साधारण, विशेष, या राज्यों के अनुसमर्थन के साथ विशेष बहुमत
विस्तृत स्पष्टीकरण:
भारतीय संविधान में विधेयकों की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग बहुमत के प्रकारों का प्रावधान है:
साधारण बहुमत: सामान्य कानून निर्माण, साधारण विधेयकों और वित्तीय विधेयकों के लिए सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का बहुमत।
विशेष बहुमत: संविधान संशोधन विधेयकों (अनुच्छेद
- 368) और कुछ विशेष प्रस्तावों के लिए कुल सदस्यों का बहुमत तथा उपस्थित व मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत।
विशेष बहुमत और राज्यों का अनुसमर्थन: संघीय ढाचे से जुड़े संवैधानिक संशोधनों (जैसे राष्ट्रपति का निर्वाचन, सातवीं अनुसूची आदि) के लिए संसद के विशेष बहुमत के साथ-साथ कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों की सहमति (अनुसमर्थन) अनिवार्य होती है।
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