Indian Polity · Indian Constitution
लोक अदालतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
- 1वे केवल आपराधिक मामलों से निपटती हैं।
- 2वे केवल दीवानी मामलों से निपटती हैं।
- 3वे केवल एक ौपचारिक मामला दायर किए जाने के बाद ही विवादों को स्वीकार कर सकती हैं।
- 4वे एक ौपचारिक मामला दायर किए जाने से पहले भी विवादों को स्वीकार कर सकती हैं।✓
सही उत्तर देखें
वे एक ौपचारिक मामला दायर किए जाने से पहले भी विवादों को स्वीकार कर सकती हैं।
व्याख्या
सही उत्तर:
- (D) वे एक औपचारिक मामला दायर किए जाने से पहले भी विवादों को स्वीकार कर सकती हैं।
विस्तृत स्पष्टीकरण:
लोक अदालतें भारत में वैकल्पिक विवाद निवारण (Alternative Dispute Resolution
- ADR) प्रणाली का एक महत्वपूर्ण अंग हैं।
कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत लोक अदालतों को वैधानिक दर्जा प्राप्त है।
लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह अदालतों में लंबित मामलों (पेंडिंग केसेज) के साथ-साथ मुकदमा दायर होने से पहले (Pre-litigation stage) के मामलों को भी आपसी समझौते के आधार पर सुलझाने के लिए स्वीकार करती है।
इसलिए विकल्प
- (D) सही है और अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि लोक अदालतें केवल दीवानी या केवल आपराधिक मामलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों प्रकार के मामलों का निपटारा कर सकती हैं।
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