Indian Polity · Judiciary
लोक अदालतें मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस उद्देश्य के लिए स्थापित वैधानिक मंच हैं?
- 1सांविधानिक संशोधनों की समीक्षा करना
- 2अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक संधियों को लागू करना
- 3लंबित विवादों या मुकदमेबाज़ी से पहले के स्तर के विवादों का सौहार्दपूर्ण निपटारा करना✓
- 4गैर-शमनीय आपराधिक अपराधों की सुनवाई करना
सही उत्तर देखें
लंबित विवादों या मुकदमेबाज़ी से पहले के स्तर के विवादों का सौहार्दपूर्ण निपटारा करना
व्याख्या
स्पष्टीकरण:
मुख्य उद्देश्य: लोक अदालतों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित विवादों और मुकदमेबाजी से पहले (प्री-लिटिगेशन) के स्तर के मामलों का सौहार्दपूर्ण और आपसी समझौते के माध्यम से निपटारा करना है।
सुलह और समझौते: यह प्रणाली वैकल्पिक विवाद समाधान (Alternative Dispute Resolution
- ADR) तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो त्वरित और सस्ता न्याय सुनिश्चित करती है।
गलत विकल्पों का विश्लेषण: लोक अदालतें गंभीर या गैर-शमनीय (non-compoundable) आपराधिक अपराधों की सुनवाई नहीं करती हैं, और न ही इनका संबंध अंतरराष्ट्रीय संधियों या संवैधानिक संशोधनों की समीक्षा से है।
सही उत्तर
- (B) है।
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