Economics · Monetary Policy and Banking
लेखांकन और व्यावसायिक वित्त में 'अशोध्य ऋण' (Bad Debt) का क्या अर्थ है?
- 1कंपनियों द्वारा अपनी सहायक कंपनियों को दिया जाने वाला ब्याज मुक्त ऋण
- 2कम ब्याज पर उच्च जोखिम वाले उधारकर्ता को दिया गया अल्पकालिक ऋण
- 3ऋणदाता इकाई को देय वह राशि जिसके वसूल होने की संभावना नहीं होती और उसे बट्टे खाते में डाल दिया जाता है✓
- 4किसी कंपनी को देय वह राशि जिसके चालू वर्ष के भीतर पूरी तरह से वसूल होने की उम्मीद है
सही उत्तर देखें
ऋणदाता इकाई को देय वह राशि जिसके वसूल होने की संभावना नहीं होती और उसे बट्टे खाते में डाल दिया जाता है
व्याख्या
प्रश्न: लेखांकन और व्यावसायिक वित्त में 'अशोध्य ऋण' (Bad Debt) का क्या अर्थ है?
स्पष्टीकरण:
व्यवसाय या लेखांकन में 'अशोध्य ऋण' वह धन या प्राप्य राशि (Accounts Receivable) है जो किसी ग्राहक या देनदार से मिलने वाली थी, लेकिन अब उसके वसूल होने की कोई उम्मीद नहीं बची है (जैसे ग्राहक का दिवालिया होना या भुगतान करने में असमर्थ होना)। कंपनी इसे अपने वित्तीय विवरणों में नुकसान के रूप में दर्ज करती है और बट्टे खाते में (Write-off) डाल देती है।
मुख्य बिंदु:
वसूली की असंभवता: यह वह बकाया राशि है जिसे वसूल नहीं किया जा सकता।
वित्तीय प्रभाव: इसे कंपनी के लाभ-हानि खाते (Profit and Loss Statement) में एक व्यय या हानि के रूप में दिखाया जाता है।
क्रेडिट नियंत्रण: व्यवसाय इस तरह के जोखिम को कम करने के लिए सख्त क्रेडिट नीतियां अपनाते हैं।
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