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राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के गठन के लिए 89वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा किस मौजूदा संवैधानिक निकाय को दो भागों में विभाजित किया गया था?
- 1राष्ट्रीय महिला आयोग
- 2राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
- 3राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक आयोग
- 4राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग✓
सही उत्तर देखें
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग
व्याख्या
प्रश्न: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के गठन के लिए 89वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा किस मौजूदा संवैधानिक निकाय को दो भागों में विभाजित किया गया था?सही उत्तर:
- (A) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग
विस्तृत स्पष्टीकरण:
मूल स्थिति: 89वें संशोधन से पहले, अनुच्छेद 338 के अंतर्गत एक ही संयुक्त आयोग कार्य करता था, जिसका नाम "राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग" था।
विभाजन की आवश्यकता: अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की समस्याएं, आवश्यकताएं और मुद्दे अलग-अलग थे, इसलिए उनके कल्याण के लिए एक अधिक केंद्रित दृष्टिकोण की आवश्यकता महसूस की गई।
विभाजन: 2003 के 89वें संशोधन अधिनियम द्वारा इस संयुक्त आयोग को दो अलग-अलग निकायों में विभाजित कर दिया गया:
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (अनुच्छेद
- 338) राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (अनुच्छेद 338ए)
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