Economics · Poverty
योजना आयोग किसके सर्वेक्षण के आधार पर निर्धनता रेखा के नीचे के लोगों का आकलन करता था?
- 1विश्व बैंक
- 2भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
- 3केन्द्रीय सांख्यिकीय संगठन (CSO)
- 4राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO)✓
सही उत्तर देखें
राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO)
व्याख्या
योजना आयोग (जो अब नीति आयोग के रूप में कार्यरत है) भारत में गरीबी रेखा के नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाले लोगों के आकलन के लिए मुख्य रूप से राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO) द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले उपभोग व्यय सर्वेक्षणों के आंकड़ों पर निर्भर करता था।
मुख्य बिंदु:
डेटा संग्रहण: NSSO (राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन) household consumer expenditure survey (घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण) आयोजित करता था, जिसके माध्यम से प्रति व्यक्ति मासिक उपभोग व्यय (MPCE) का डेटा एकत्र किया जाता था।
गरीबी रेखा का निर्धारण: इन आंकड़ों के आधार पर यह तय किया जाता था कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम उपभोग स्तर प्राप्त करने के लिए कितनी आय या व्यय की आवश्यकता है।
विशेष समितियां: योजना आयोग द्वारा गठित विभिन्न विशेषज्ञ समितियों (जैसे अलगहवाला समिति, लकड़वाला समिति और तेंदुलकर समिति) ने भी गरीबी के आकलन के लिए NSSO के इन्हीं सर्वेक्षण आंकड़ों का उपयोग किया था।
Download Single Question PDF
Save this question and verified answer as a clean study sheet with live clickable link.
Share with Friends & Study Groups
Challenge your peer aspirants on WhatsApp or Telegram to solve this question!
Preparing for Economics?
Practice full-length Economics mock tests with real exam timers, instant score analysis, and all-India ranking.
Want more practice questions on Poverty?
Solve complete topic-wise tests with detailed solutions on GkGet.
Related Practice Questions
Recommended practice questions in Economics · Poverty