History · Reformation Movement
यूरोपीय इतिहास के संदर्भ में, प्रोटेस्टेंट सुधार को मौलिक रूप से निम्नलिखित में से किसके विरुद्ध विद्रोह के रूप में वर्णित किया जा सकता है?
- 1प्रारंभिक धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक संधियों का निष्पादन
- 2आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति की शुरुआत
- 3पादड़ी वर्ग द्वारा व्यक्तिगत अंतरात्मा पर पूर्ण नियंत्रण✓
- 4सामंती राजशाही व्यवस्थाओं का पूर्ण उन्मूलन
सही उत्तर देखें
पादड़ी वर्ग द्वारा व्यक्तिगत अंतरात्मा पर पूर्ण नियंत्रण
व्याख्या
विस्तृत स्पष्टीकरण:
यूरोपीय इतिहास में 'प्रोटेस्टेंट सुधार' (Protestant Reformation) 16वीं शताब्दी में शुरू हुआ एक धार्मिक और सांस्कृतिक आंदोलन था। इसके मूल में रोमन कैथोलिक चर्च और पोप के धार्मिक एकाधिकार के विरुद्ध असंतोष था।
व्यक्तिगत अंतरात्मा की स्वतंत्रता: इस आंदोलन के प्रमुख विचारकों (जैसे मार्टिन लूथर) का मुख्य उद्देश्य यह था कि धार्मिक आस्था और मोक्ष प्राप्ति के लिए मध्यस्थ के रूप में पादड़ी वर्ग (Clergy) की अनिवार्यता समाप्त हो। पादरी वर्ग लोगों की व्यक्तिगत अंतरात्मा, बाइबल के अर्थ और भगवान के साथ उनके सीधे संबंध पर पूर्ण नियंत्रण रखता था, जिसके विरुद्ध प्रोटेस्टेंट सुधार एक बड़ा विद्रोह साबित हुआ।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) सामंती व्यवस्था का पूर्ण उन्मूलन इसका मुख्य उद्देश्य नहीं था,
- (C) आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति का विकास बाद के वैज्ञानिक क्रांति से जुड़ा है, और
- (D) धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक संधियाँ इस आंदोलन का तात्कालिक परिणाम नहीं थीं।
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