Economics · Economics
यदि सरकार का बजट 31 मार्च तक पारित नहीं हो पाता, तो सरकारी व्यय किस आधार पर किया जा सकता है?
- 1उपरोक्त में से कोई नहीं
- 2वोट ऑन अकाउंट✓
- 3पूरक अनुदान
- 4अंतरिम वोट ऑन अकाउंट
सही उत्तर देखें
वोट ऑन अकाउंट
व्याख्या
मुख्य बिंदु:
जब वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) समाप्त होने तक नया बजट पूरी तरह से पारित नहीं हो पाता है, तो सरकार को कामकाज जारी रखने और वित्तीय संकट से बचने के लिए धन की आवश्यकता होती है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 116 के तहत लोकसभा को "लेखानुदान" (Vote on Account) पारित करने की शक्ति प्राप्त है।
इसके माध्यम से सरकार को नए वित्तीय वर्ष के शुरुआती कुछ महीनों (सामान्यतः 2 महीने) के लिए देश के संचित निधि से बिना बजट पारित हुए भी खर्च करने की अग्रिम अनुमति मिल जाती है।
विस्तृत स्पष्टीकरण:
चूंकि पूर्ण बजट की प्रक्रिया लंबी होती है और 31 मार्च की समयसीमा से पहले इसके पारित होने की निश्चितता न होने पर सरकारी कामकाज रुक सकता है, इसलिए लेखानुदान (Vote on Account) का प्रावधान किया गया है। यह सरकार को अस्थायी रूप से आवश्यक व्यय करने का अधिकार देता है। अतः सही विकल्प
- (C) है।
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