History · Indian History
महात्मा गांधी की आलोचना करते हुए निम्नलिखित में से कौन सा कथन डॉ. भीमराव अम्बेडकर का माना जाता है?
- 1महात्मा गांधी भारतीय सामाजिक पदानुक्रम के केवल कुलीन वर्गों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- 2महात्मा गांधी ने अकेले ही भारतीय युवाओं के क्रांतिकारी उत्साह को पटरी से उतार दिया है।
- 3महात्मा गांधी एक क्षणभंगुर प्रेत की तरह धूल उड़ाते हैं लेकिन स्तर नहीं उठाते।✓
- 4महात्मा गांधी एक राजनीतिक अवसरवादी हैं जो अक्सर रंग बदलते हैं।
सही उत्तर देखें
महात्मा गांधी एक क्षणभंगुर प्रेत की तरह धूल उड़ाते हैं लेकिन स्तर नहीं उठाते।
व्याख्या
सही उत्तर:
- (B) महात्मा गांधी एक क्षणभंगुर प्रेत की तरह धूल उड़ाते हैं लेकिन स्तर नहीं उठाते।
विस्तृत स्पष्टीकरण:
डॉ. भीमराव अम्बेडकर और महात्मा गांधी के बीच सामाजिक सुधार और दलित उत्थान (विशेषकर अछूतों के अधिकारों और पृथक निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दे पर) को लेकर गहरे वैचारिक मतभेद थे।
अम्बेडकर ने गांधीजी की कार्यप्रणाली और विचारों की तीखी आलोचना करते हुए यह प्रसिद्ध कथन कहा था कि "महात्मा गांधी एक क्षणभंगुर प्रेत की तरह धूल उड़ाते हैं लेकिन स्तर नहीं उठाते" (Mahatma Gandhi is like a ephemeral phantom that raises dust, but raises no levels), जिसका तात्पर्य यह था कि गांधीजी के आंदोलनों से सतही भावनाएं तो जागृत होती थीं लेकिन सामाजिक संरचना व जाति व्यवस्था की जड़ें मजबूत बनी रहती थीं।
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