Science and Technology · Space Exploration
मंगल ग्रह पर वाइकिंग लैंडर (Viking lander) के प्रयोगों और उनकी व्याख्या के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: I. वाइकिंग 1976 लैंडर के चयापचय (metabolic) प्रयोग ने चयापचय के शुरुआती संकेत दिए थे, लेकिन उसी मिशन पर एक अन्य डिटेक्टर को मिट्टी में कोई कार्बनिक अणु नहीं मिले। II. वाइकिंग चयापचय के परिणाम को आज सार्वभौमिक रूप से मंगल पर सूक्ष्मजीव जीवन के अकाट्य साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाता है। III. बाद के विश्लेषणों ने सुझाव दिया कि मंगल ग्रह की मिट्टी में गैर-जैविक ऑक्सीडेंट (जैसे परक्लोरेट) और प्रायोगिक त्रुटियां जीवन की उपस्थिति के बिना भी वाइकिंग की सकारात्मक प्रतिक्रियाओं की व्याख्या कर सकती हैं। निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प सही है?
- 1न तो कथन II और न ही कथन III सही है।
- 2कथन II और III में से केवल एक ही सही है, और वह कथन कथन I की व्याख्या करता है।✓
- 3कथन II और कथन III दोनों सही हैं, लेकिन उनमें से केवल एक ही कथन I की व्याख्या करता है।
- 4कथन II और कथन III दोनों सही हैं, और दोनों ही कथन I की व्याख्या करते हैं।
सही उत्तर देखें
कथन II और III में से केवल एक ही सही है, और वह कथन कथन I की व्याख्या करता है।
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