Geography · Earth Movements
भू-आकृति विज्ञान में बहिर्जात बलों (एक्सोजेनेटिक फोर्सेस) के तहत बुनियादी रूप से किन दो मुख्य उप-प्रक्रियाओं को वर्गीकृत किया गया है?
- 1भ्रंशन और वलन
- 2पर्वत-निर्माण (ओरोजेनेसिस) और महाद्वीप-निर्माण (एपेइरोजेनेसिस)
- 3अपक्षय और अपरदन✓
- 4ज्वालामुखीयता और पटल-विरूपण (डायस्ट्रोफिज़्म)
सही उत्तर देखें
अपक्षय और अपरदन
व्याख्या
उत्तर:
- (B) अपक्षय और अपरदन
मुख्य बिंदु और स्पष्टीकरण:
बहिर्जात बल (Exogenetic Forces): ये वे बल हैं जो पृथ्वी की सतह पर उत्पन्न होते हैं और मुख्य रूप से सूर्य की ऊर्जा तथा गुरुत्वाकर्षण द्वारा संचालित होते हैं (जैसे नदियाँ, पवन, हिमनद आदि)।
अपक्षय (Weathering): यह एक स्थैतिक (static) प्रक्रिया है जिसमें चट्टानें अपने ही स्थान पर बिना किसी गति के भौतिक, रासायनिक या जैविक कारणों से टूटती और विघटित होती हैं।
अपरदन (Erosion): यह एक गतिशील प्रक्रिया है जिसमें टूटे हुए मलबे या पदार्थों को जल, पवन, हिमनद जैसे कारकों द्वारा एक स्थान से काटकर दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है।
विकल्प (A),
- (C) और
- (D) अंतर्जात (Endogenetic) बलों से संबंधित हैं, जो पृथ्वी के भीतर से उत्पन्न होते हैं।
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