History · Modern Indian History
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान किस महत्वपूर्ण घटना में बड़े पैमाने पर अहिंसक विरोध शामिल था, जिसमें महिलाओं ने विदेशी वस्तुओं के उत्पादन, वितरण या पिकेटिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?
- 1साइमन कमीशन का बहिष्कार (1928)
- 2असहयोग आंदोलन (1920-1922)
- 3भारत छोड़ो आंदोलन (1942)
- 4नमक सत्याग्रह (1930)✓
सही उत्तर देखें
नमक सत्याग्रह (1930)
व्याख्या
सही उत्तर:
- (A) नमक सत्याग्रह (1930)
विस्तृत स्पष्टीकरण:
आंदोलन की शुरुआत: नमक सत्याग्रह या सविनय अवज्ञा आंदोलन (Civil Disobedience Movement) की शुरुआत महात्मा गांधी की 12 मार्च 1930 को प्रसिद्ध 'दांडी यात्रा' से हुई थी, जहाँ 6 अप्रैल 1930 को उन्होंने नमक कानून तोड़ा था।
महिलाओं की अभूतपूर्व भागीदारी: इस आंदोलन की सबसे अनूठी विशेषता महिलाओं की बड़े पैमाने पर सक्रिय भागीदारी थी। सरोजिनी नायडू, कमलादेवी चट्टोपाध्याय, कस्तूरबा गांधी और स्वरूपरानी नेहरू जैसी प्रमुख महिलाओं ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया।
पिकेटिंग और बहिष्कार: देश भर में हजारों महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर शराब की दुकानों, अफीम के अड्डों और विदेशी कपड़ों की दुकानों के सामने शांतिपूर्ण धरना (पिकेटिंग) दिया।
अहिंसक विरोध की मिसाल: ब्रिटिश सरकार के लाठीचार्ज और अत्याचारों के बावजूद महिलाओं और आम जनता ने पूरी तरह से अहिंसक रहकर विदेशी वस्तुओं के उत्पादन और वितरण का कड़ा विरोध किया।
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