History · Indian History
"भारतीय रियासतें शेष भारत से अलग होकर स्वतंत्र रूप से जीवित नहीं रह सकतीं..." यह कथन किसका है?
- 1चक्रवर्ती राजगोपालाचारी
- 2सरदार वल्लभाई पटेल✓
- 3जवाहरलाल नेहरू
- 4महात्मा गांधी
सही उत्तर देखें
सरदार वल्लभाई पटेल
व्याख्या
सही उत्तर:
- (C) सरदार वल्लभाई पटेल
विस्तृत स्पष्टीकरण:
ऐतिहासिक संदर्भ: स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत में 500 से अधिक छोटी-बड़ी देशी रियासतें (Princely States) थीं। ब्रिटिश शासन के अंत के साथ इन रियासतों को यह विकल्प दिया गया था कि वे भारत या पाकिस्तान में शामिल हो सकती हैं या स्वतंत्र रह सकती हैं।
सरदार पटेल की भूमिका: देश के पहले गृह मंत्री और उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभाई पटेल ने अपनी कूटनीति, दृढ़ इच्छाशक्ति और "विलय पत्र" (Instrument of Accession) के माध्यम से लगभग सभी रियासतों का भारतीय संघ में शांतिपूर्ण विलय कराया।
कथन का अर्थ: सरदार पटेल का यह स्पष्ट मानना था कि यदि ये रियासतें स्वतंत्र रहीं, तो देश कई टुकड़ों में बंट जाएगा और भारत की संप्रभुता तथा अखंडता खतरे में पड़ जाएगी। इसीलिए उन्होंने कहा था कि रियासतें शेष भारत से अलग होकर स्वतंत्र रूप से जीवित नहीं रह सकतीं।
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