Law · Legal Studies
भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 की धारा 54 के अनुसार, जब किसी अनुबंध में ऐसे पारस्परिक वचन होते हैं कि एक का पालन तब तक नहीं किया जा सकता जब तक कि दूसरे का पालन न कर दिया गया हो, और वह पक्ष जिसे अनिवार्य रूप से पहले पालन करना चाहिए था, वह विफल रहता है, तो इसका क्या परिणाम होता है?
- 1विफल रहने वाला पक्ष पारस्परिक वचन को लागू करने के लिए कानूनी उपाय खोजने का हकदार है।
- 2अनुबंध विफल रहने वाले पक्ष के विवेक पर स्वतः ही शून्यकरणीय हो जाता है।
- 3विफल रहने वाला पक्ष पारस्परिक वचन के पालन का दावा नहीं कर सकता, और उसे दूसरे पक्ष को होने वाले किसी भी नुकसान का मुआवजा देना होगा।✓
- 4विफल रहने वाला पक्ष अभी भी दूसरे पक्ष से पारस्परिक वचन को पूरा करने की मांग कर सकता है।
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विफल रहने वाला पक्ष पारस्परिक वचन के पालन का दावा नहीं कर सकता, और उसे दूसरे पक्ष को होने वाले किसी भी नुकसान का मुआवजा देना होगा।
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