Indian Polity · Judiciary
भारत में सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया क्या है?
- 1राष्ट्रपति का आदेश
- 2प्रधानमंत्री का आदेश
- 3महाभियोग के माध्यम से विशेष बहुमत✓
- 4साधारण बहुमत
सही उत्तर देखें
महाभियोग के माध्यम से विशेष बहुमत
व्याख्या
भारत में सुप्रीम कोर्ट या उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश को उनके पद से हटाने की प्रक्रिया बेहद कड़े नियमों के तहत निर्धारित की गई है। न्यायाधीश को हटाने के लिए केवल साधारण बहुमत से काम नहीं चलता, बल्कि संसद द्वारा विशेष बहुमत (Special Majority) की आवश्यकता होती है।
मुख्य बिंदु:
आधार: न्यायाधीश को केवल 'साबित कदाचार' (Proven Misbehavior) या 'असमर्थता' (Incapacity) के आधार पर ही हटाया जा सकता है।
प्रस्ताव की शुरुआत: न्यायाधीश को हटाने का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) में लाया जा सकता है। लोकसभा में इसके लिए कम से कम 50 सदस्यों और राज्यसभा में कम से कम 50 सदस्यों के हस्ताक्षर होना आवश्यक है।
विशेष बहुमत की आवश्यकता: प्रस्ताव को संसद के दोनों सदनों द्वारा अलग-अलग अपने कुल सदस्यों के बहुमत और उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई (2/3) बहुमत से पारित करना अनिवार्य होता है।
अंतिम चरण: दोनों सदनों से प्रस्ताव पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है, जिसके बाद राष्ट्रपति न्यायाधीश को हटाने का आदेश जारी करते हैं।
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