Banking · Financial Derivatives and Governance
भारत में वायदा बाजार (डेरिवेटिव्स मार्केट) में मुख्य रूप से इक्विटी और मुद्रा खंडों में भारी वृद्धि देखी गई है, जो मूल्य खोज और जोखिम प्रबंधन के लिए आवश्यक उपकरण प्रदान करती है। डेरिवेटिव्स बाजार के प्रमुख प्रतिभागियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: हेजर्स (Hedgers) ऐसे प्रतिभागी हैं जो अंतर्निहित परिसंपत्ति में मौजूदा जोखिम को कम या समाप्त करने के लिए डेरिवेटिव्स बाजार में प्रवेश करते हैं, जैसे कि कोई बैंक अपनी बैलेंस शीट में अवधि के अंतर (duration gap) को प्रबंधित करने के लिए ब्याज दर स्वैप का उपयोग करता है। कथन II: सट्टेबाज़ (Speculators) लाभ कमाने के लिए भविष्य के मूल्य आंदोलनों पर दांव लगाकर जोखिम उठाते हैं, और वे बाजार को आवश्यक तरलता प्रदान करते हैं जिससे हेजर्स अपने जोखिमों को प्रभावी ढंग से स्थानांतरित कर सकते हैं। कथन III: आर्बिट्राजर्स (Arbitrageurs) विभिन्न बाजारों में या कैश और वायदा बाजार के बीच एक ही परिसंपत्ति की कीमतों की विसंगतियों का लाभ उठाने का प्रयास करते हैं, और उनकी गतिविधियों से कीमतों में अभिसरण होता है, जिससे बाजार की दक्षता बढ़ती है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
- 1I, II और III✓
- 2केवल II और III
- 3केवल I और II
- 4केवल I
सही उत्तर देखें
I, II और III
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