Indian Polity · Polity Science
भारत में जनहित याचिका (पीआईएल) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे सटीक है?
- 1पीआईएल को भारत में एक संवैधानिक संशोधन के माध्यम से पेश किया गया था।
- 2पीआईएल मामलों को विशेष रूप से भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संभाला जाता है।
- 3पीआईएल किसी भी नागरिक को जनहित की सुरक्षा के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने की अनुमति देता है।✓
- 4पीआईएल केवल उन व्यक्तियों द्वारा दायर की जा सकती है जो सीधे मुद्दे से प्रभावित हैं।
सही उत्तर देखें
पीआईएल किसी भी नागरिक को जनहित की सुरक्षा के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने की अनुमति देता है।
व्याख्या
सही उत्तर:
- (B) पीआईएल किसी भी नागरिक को जनहित की सुरक्षा के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने की अनुमति देता है।
विस्तृत स्पष्टीकरण:
जनहित याचिका (PIL
- Public Interest Litigation) की अवधारणा ने पारंपरिक 'पीड़ित पक्ष' के नियम को शिथिल किया है।
इसके तहत समाज के किसी भी जनहित या वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए कोई भी जागरूक नागरिक या संस्था अदालत में याचिका दायर कर सकती है, भले ही वह सीधे तौर पर उस मुद्दे से व्यक्तिगत रूप से प्रभावित न हो।
यह याचिकाएं सर्वोच्च न्यायालय (अनुच्छेद 32 के तहत) और उच्च न्यायालयों (अनुच्छेद 226 के तहत) दोनों में दायर की जा सकती हैं, केवल सर्वोच्च न्यायालय में नहीं। इसे किसी संवैधानिक संशोधन से नहीं, बल्कि न्यायिक सक्रियता के तहत विकसित किया गया था।
Download Single Question PDF
Save this question and verified answer as a clean study sheet with live clickable link.
Share with Friends & Study Groups
Challenge your peer aspirants on WhatsApp or Telegram to solve this question!
Preparing for Indian Polity?
Practice full-length mock tests with real exam timers, instant score analysis, and all-India ranking.
Want more practice questions on Polity Science?
Solve complete topic-wise tests with detailed solutions on GkGet.
Related Practice Questions
Recommended practice questions in Indian Polity · Polity Science