Economics · Poverty and Unemployment
भारत में गरीबी के मापन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: रंगराजन समिति (2014) ने मासिक प्रति व्यक्ति उपभोग व्यय के आधार पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग गरीबी रेखाएं निर्धारित कीं। कथन II: 2022-23 के लिए आरबीआई के अद्यतन गरीबी अनुमानों ने रंगराजन गरीबी रेखाओं को संशोधित करने के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) का उपयोग किया। कथन III: भारत का वर्तमान गरीबी मूल्यांकन तेजी से बहुआयामी संकेतकों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
- 1कथन II और कथन III दोनों सही हैं, और दोनों ही कथन I की व्याख्या करते हैं।
- 2कथन II और कथन III दोनों सही हैं, लेकिन उनमें से केवल एक ही कथन I की व्याख्या करता है।
- 3कथन II और III में से केवल एक ही सही है, और वह कथन I की व्याख्या करता है।✓
- 4न तो कथन II और न ही कथन III सही है।
सही उत्तर देखें
कथन II और III में से केवल एक ही सही है, और वह कथन I की व्याख्या करता है।
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