Geography · Climatic Diversity in the Indian Subcontinent
भारत के तटीय क्षेत्रों में वर्ष भर समकारी या मध्यम प्रकार की जलवायु क्यों पाई जाती है?
- 1थार मरुस्थल से उनकी निकटता के कारण
- 2अधिक ऊंचाई और भारी वर्षा के कारण
- 3पश्चिमी घाट की उपस्थिति के कारण
- 4आस-पास के समुद्रों के समकारी प्रभाव के कारण✓
सही उत्तर देखें
आस-पास के समुद्रों के समकारी प्रभाव के कारण
व्याख्या
भारत के तटीय क्षेत्रों में वर्ष भर समकारी या मध्यम प्रकार की जलवायु क्यों पाई जाती है?
सही उत्तर:
- (A) आस-पास के समुद्रों के समकारी प्रभाव के कारण
विस्तृत स्पष्टीकरण:
समुद्री प्रभाव (Maritime Influence): जल की विशिष्ट ऊष्मा (Specific Heat) थल (जमीन) की तुलना में अधिक होती है। इसके कारण समुद्र बहुत धीमी गति से गर्म होते हैं और उतनी ही धीमी गति से ठंडे होते हैं।
हवाओं का प्रभाव: तटीय क्षेत्रों में दिन के समय समुद्र से थल की ओर (समुद्री समीर) तथा रात के समय थल से समुद्र की ओर (स्थलीय समीर) हवाएं चलती हैं।
परिणाम: इन हवाओं के निरंतर प्रवाह के कारण तटीय क्षेत्रों में न तो अत्यधिक गर्मी पड़ती है और न ही अत्यधिक सर्दी, जिससे यहाँ की जलवायु वर्ष भर समकारी या मध्यम बनी रहती है।
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