Indian Polity · Indian Constitution
भारत के किस राष्ट्रपति ने भारत की धर्मनिरपेक्षता को स्थिरतापूर्वक 'सर्वधर्म समभाव' कहा?
- 1वी. वी. गिरि
- 2डॉ. एस. राधाकृष्णन✓
- 3डॉ. जाकिर हुसैन
- 4डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
सही उत्तर देखें
डॉ. एस. राधाकृष्णन
व्याख्या
भारत के राष्ट्रपतियों और धर्मनिरपेक्षता की अवधारणा:
डॉ. एस. राधाकृष्णन का दृष्टिकोण: भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भारतीय धर्मनिरपेक्षता को 'सर्वधर्म समभाव' (सभी धर्मों के प्रति समान भाव या आदर) के रूप में परिभाषित और स्थिर किया।
भारतीय धर्मनिरपेक्षता: पश्चिमी देशों की धर्मनिरपेक्षता (धर्म से पूर्ण अलगाव) के विपरीत, भारतीय सेक्युलरिज्म का अर्थ राज्य द्वारा सभी धर्मों को समान संरक्षण देना और किसी भी एक राजकीय धर्म को बढ़ावा न देना है।
दार्शनिक महत्व: डॉ. राधाकृष्णन के विचारों ने स्वतंत्र भारत के शुरुआती दौर में देश की बहु-सांस्कृतिक और बहु-धार्मिक पहचान को एक मजबूत दार्शनिक आधार प्रदान किया।
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