Banking · Banker-Customer Relationship
बैंकर और ग्राहक के बीच कानूनी संबंधों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: कथन 1: बैंकर की गोपनीयता का कर्त्तव्य एक संविदात्मक दायित्व है जो संबंध की प्रकृति से उत्पन्न होता है, और यह कर्तव्य खाता बंद होने या ग्राहक की मृत्यु के बाद भी जारी रहता है। कथन 2: एक बैंकर को कानूनी रूप से बिना सहमति के किसी तीसरे पक्ष को ग्राहक के खाते की स्थिति का खुलासा करने की अनुमति है यदि बैंकर का मानना है कि इससे तीसरे पक्ष को बेहतर निवेश करने में मदद मिलेगी जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। कथन 3: 'बैंक के हित' (Interest of the Bank) के अपवाद के तहत, एक बैंकर ग्राहक के खाते के बारे में जानकारी का खुलासा कर सकता है यदि यह बकाया ऋण की वसूली के लिए या ग्राहक द्वारा दायर मुकदमे के खिलाफ बचाव के लिए आवश्यक हो। कथन 4: बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट (Bankers' Books Evidence Act) यह प्रावधान करता है कि किसी भी निजी व्यक्ति द्वारा बैंक को दीवानी अदालत में अपने मूल बहीखाते (original ledgers) पेश करने के लिए मजबूर किया जा सकता है, और बैंक इसके बदले प्रमाणित प्रतियां पेश नहीं कर सकता। उपरोक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सारांश सही है?
- 1केवल कथन 3 सही है।
- 2कथन 1, 2 और 3 सही हैं, लेकिन कथन 4 गलत है।
- 3कथन 1 को छोड़कर सभी कथन सही हैं।
- 4कथन 1 और 3 सही हैं, जबकि कथन 2 और कथन 4 गलत हैं।✓
सही उत्तर देखें
कथन 1 और 3 सही हैं, जबकि कथन 2 और कथन 4 गलत हैं।
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