History · Vedic Society
प्राचीन भारतीय सामाजिक दर्शन के संदर्भ में, 'आश्रम' शब्द का तात्पर्य किससे है?
- 1एक प्रकार का यज्ञ अनुष्ठान
- 2मानव जीवन के विभिन्न चरण✓
- 3सामाजिक वर्गों का वर्गीकरण
- 4मंदिरों की एक स्थापत्य शैली
सही उत्तर देखें
मानव जीवन के विभिन्न चरण
व्याख्या
उत्तर का स्पष्टीकरण:
प्राचीन भारतीय सामाजिक दर्शन में 'आश्रम' व्यवस्था मानव जीवन को व्यवस्थित और उद्देश्यपूर्ण बनाने का एक महत्वपूर्ण अंग है।
इसके अंतर्गत मानव जीवन को पूर्ण आयु (सामान्यतः 100 वर्ष मानकर) को चार स्पष्ट चरणों या अवस्थाओं में विभाजित किया गया है।
ये चार चरण निम्नलिखित हैं:
ब्रह्मचर्य आश्रम: शिक्षा ग्रहण करने और ज्ञान अर्जन का चरण।
गृहस्थ आश्रम: पारिवारिक जीवन और सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वाह करने का चरण।
वानप्रस्थ आश्रम: परिवार और मोह-माया से विरक्त होकर समाज और आध्यात्मिक चिंतन की ओर उन्मुख होने का चरण।
संन्यास आश्रम: पूर्णतः भौतिक संसार का त्याग कर मोक्ष प्राप्ति के मार्ग पर चलने का अंतिम चरण।
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