Geography · Agriculture
प्राकृतिक रूप से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए पारंपरिक जीवन-निर्वाह खेती में इनमें से कौन सी एक सामान्य प्रथा है?
- 1फसल चक्रण (Crop rotation)✓
- 2निरंतर एकल-फसल खेती (Monoculture)
- 3भारी रासायनिक उर्वरीकरण
- 4गहरी औद्योगिक जुताई
सही उत्तर देखें
फसल चक्रण (Crop rotation)
व्याख्या
सही उत्तर:
- (A) फसल चक्रण (Crop rotation)
विस्तृत स्पष्टीकरण:
फसल चक्रण का अर्थ: एक ही खेत में अलग-अलग मौसमों या वर्षों में बारी-बारी से अलग-अलग फसलें उगाना फसल चक्रण कहलाता है।
मृदा स्वास्थ्य और पोषण: पारंपरिक जीवन-निर्वाह खेती में यह एक अत्यंत सामान्य और महत्वपूर्ण प्रथा है। विभिन्न फसलों की पोषक तत्वों की मांग अलग-अलग होती है। उदाहरण के लिए, दलहनी फसलें (दलहन) हवा से नाइट्रोजन को अवशोषित करके मिट्टी में उसकी मात्रा बढ़ा देती हैं, जिससे अगली फसल के लिए प्राकृतिक रूप से उर्वरता बनी रहती है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
निरंतर एकल-फसल खेती (Monoculture) से मिट्टी के विशिष्ट पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं; भारी रासायनिक उर्वरीकरण और गहरी औद्योगिक जुताई पारंपरिक और टिकाऊ खेती के तरीके नहीं हैं, बल्कि यह आधुनिक व्यावसायिक कृषि से जुड़े हैं जो लंबे समय में मिट्टी को नुकसान पहुंचाते हैं।
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