Indian Polity · Local Self Government
पंचायती राज संस्थाएं अपने कार्यों के निर्वहन के लिए निम्नलिखित में से किन स्रोतों से वित्तीय संसाधन प्राप्त करती हैं?
- 1उपरोक्त सभी✓
- 2राज्य कानून द्वारा अधिकृत स्थानीय करों, शुल्कों, टोल और फीसों को लगाना, एकत्र करना और विनियोजित करना
- 3राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्य सरकार से राजस्व का हस्तांतरण और अनुदान
- 4केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्र सरकार से सहायता अनुदान
सही उत्तर देखें
उपरोक्त सभी
व्याख्या
मुख्य बिंदु और स्पष्टीकरण:
पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) को प्रभावी रूप से कार्य करने और स्थानीय विकास कार्यों को गति देने के लिए वित्तीय रूप से मजबूत होना आवश्यक है। इसके लिए वे विभिन्न स्रोतों से वित्तीय संसाधन प्राप्त करती हैं:
केंद्रीय वित्त आयोग: राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्र सरकार से मिलने वाले सहायता अनुदान।
राज्य वित्त आयोग: प्रत्येक राज्य में गठित होने वाले राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राज्य सरकार द्वारा करों, शुल्कों और टोल से प्राप्त राजस्व का हस्तांतरण व अनुदान।
स्वयं के कर और राजस्व: राज्य विधानमंडल द्वारा बनाए गए कानूनों के तहत पंचायतें स्थानीय स्तर पर कर, शुल्क, फीस और टोल आदि लगा सकती हैं, उन्हें एकत्र कर सकती हैं और उनका उपयोग कर सकती हैं।
इस प्रकार, ये सभी वित्तीय स्रोत पंचायती राज संस्थाओं की आय के प्रमुख साधन हैं। अत: सही विकल्प
- (D) है।
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