History · Modern Indian History
निम्नलिखित में से कौन सा सिद्धांत ब्रह्म समाज के सिद्धांतों में शामिल नहीं था?
- 1नैतिक जीवन और परोपकार पर बल
- 2अवतारवाद में विश्वास✓
- 3एकेश्वरवाद में विश्वास
- 4मूर्ति पूजा का विरोध
सही उत्तर देखें
अवतारवाद में विश्वास
व्याख्या
ब्रह्म समाज के सिद्धांतों और उसकी स्थापना से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
स्थापना: ब्रह्म समाज की स्थापना राजा राममोहन राय ने 20 अगस्त 1828 को कलकत्ता में की थी। इसे भारत के आधुनिकीकरण और सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों में मील का पत्थर माना जाता है।
प्रमुख सिद्धांत:
एकेश्वरवाद में विश्वास: यह समाज केवल एक ही ईश्वर की पूजा पर जोर देता था और बहुदेववाद का खंडन करता था।
मूर्ति पूजा का विरोध: ब्रह्म समाज ने मूर्तियों की पूजा और कर्मकांडों का कड़ा विरोध किया।
अवतारवाद का खंडन: यह समाज ईश्वर के अवतार लेने की धारणा (अवतारवाद) में विश्वास नहीं रखता था।
नैतिकता और परोपकार: इसने मानव कल्याण, अच्छे चरित्र और नैतिक जीवन जीने पर विशेष बल दिया।
निष्कर्ष: चूंकि ब्रह्म समाज अवतारवाद में विश्वास नहीं करता था, इसलिए विकल्प
- (C) इस प्रश्न का सही उत्तर है।
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