Economics · Land Reforms
निम्नलिखित में से किसे ऐतिहासिक रूप से भारत में 'भूमि सुधार' के मुख्य संस्थागत उपायों के तहत वर्गीकृत नहीं किया गया है?
- 1नहर सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार✓
- 2खंडित जोतों का एकीकरण (चकबंदी)
- 3कृषि जोत की अधिकतम सीमा (सीलिंग) का निर्धारण
- 4जमींदारों जैसे बिचौलियों का उन्मूलन
सही उत्तर देखें
नहर सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार
व्याख्या
विस्तृत स्पष्टीकरण:
ऐतिहासिक रूप से भारत में 'भूमि सुधार' (Land Reforms) के अंतर्गत कृषि क्षेत्र की संरचनात्मक और संस्थागत कमियों को दूर करने के प्रयास किए गए, ताकि कृषि उत्पादकता बढ़े और सामाजिक न्याय सुनिश्चित हो सके। इसके मुख्य संस्थागत उपायों में निम्नलिखित शामिल हैं:
बिचौलियों का उन्मूलन: जमींदारी, महालवाड़ी और रैयतवाड़ी जैसी प्रणालियों के तहत मौजूद बिचौलियों को समाप्त कर सीधे किसानों और सरकार के बीच संबंध स्थापित किया गया।
कृषि जोत की अधिकतम सीमा (सीलिंग): भूमि के अत्यधिक केंद्रीकरण को रोकने और भूमिहीन किसानों में इसका पुनर्वितरण करने के लिए एक व्यक्ति या परिवार के पास कृषि भूमि की सीमा तय की गई।
चकबंदी (Consolidation of Holdings): बिखरी हुई और छोटी जोतों को एक स्थान पर एकत्रित करना ताकि कृषि कार्य कुशलतापूर्वक हो सके।
निष्कर्ष: विकल्प
- (D) यानी 'नहर सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार' भूमि सुधार का संस्थागत उपाय नहीं, बल्कि एक कृषि अवसंरचना (Agricultural Infrastructure) और विकास से जुड़ा उपाय है। अतः सही उत्तर
- (D) है।
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