History · Buddhism and Jainism
निम्नलिखित में से किस सिद्धांत/विषय के संबंध में बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म में समानता है?
- 1यह विश्वास कि सजीव और निर्जीव सभी वस्तुओं में आत्मा होती है
- 2सृष्टिकर्ता ईश्वर की अवधारणा को खारिज करना (अनीश्वरवाद)✓
- 3कठोर तपस्या और आत्म-पीड़न की स्वीकृति
- 4वेदों की प्रामाणिकता में विश्वास
सही उत्तर देखें
सृष्टिकर्ता ईश्वर की अवधारणा को खारिज करना (अनीश्वरवाद)
व्याख्या
बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म में समानता
सही विकल्प:
- (C) सृष्टिकर्ता ईश्वर की अवधारणा को खारिज करना (अनीश्वरवाद)
विस्तृत स्पष्टीकरण:
अनीश्वरवाद: बौद्ध धर्म और जैन धर्म दोनों ही वैदिक कर्मकांडों और सृष्टिकर्ता के रूप में किसी सर्वोच्च ईश्वर की सत्ता को स्वीकार नहीं करते हैं। दोनों ही धर्मों का मानना है कि ब्रह्मांड का संचालन और जीवों के कर्मों का फल किसी ईश्वर द्वारा नियंत्रित नहीं होता, बल्कि यह प्राकृतिक नियमों और कर्म-सिद्धान्त पर आधारित है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) दोनों ही धर्म वेदों की प्रामाणिकता और उनकी सर्वोच्चता में विश्वास नहीं रखते थे (वे नास्तिक दर्शन के अंतर्गत आते हैं)।
- (B) जैन धर्म में कठोर तपस्या और आत्म-पीड़न पर बहुत बल दिया गया है, जबकि बुद्ध ने मध्यम मार्ग (अति से बचना) अपनाया था।
- (D) सजीव और निर्जीव सभी वस्तुओं में आत्मा होने की अवधारणा मुख्य रूप से जैन धर्म (अनेकांतवाद/जीव विचार) से संबंधित है, बौद्ध धर्म इससे भिन्न दृष्टिकोण रखता है।
Download Single Question PDF
Save this question and verified answer as a clean study sheet with live clickable link.
Share with Friends & Study Groups
Challenge your peer aspirants on WhatsApp or Telegram to solve this question!
Preparing for History?
Practice full-length History mock tests with real exam timers, instant score analysis, and all-India ranking.
Want more practice questions on Buddhism and Jainism?
Solve complete topic-wise tests with detailed solutions on GkGet.
Related Practice Questions
Recommended practice questions in History · Buddhism and Jainism