Indian Polity · Indian Parliament
धन विधेयकों को छोड़कर, भारतीय संसद में किसी साधारण या वित्तीय विधेयक को पारित करने की संवैधानिक आवश्यकता क्या है?
- 1इसके लिए बिना मतदान के केवल राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति की आवश्यकता होती है
- 2इस पर दोनों सदनों की सहमति होनी चाहिए, चाहे अलग-अलग या संयुक्त बैठक में✓
- 3इसके लिए दोनों सदनों में विशेष दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है
- 4इसे केवल लोकसभा द्वारा पारित किया जाना चाहिए
सही उत्तर देखें
इस पर दोनों सदनों की सहमति होनी चाहिए, चाहे अलग-अलग या संयुक्त बैठक में
व्याख्या
उत्तर:
- (C) इस पर दोनों सदनों की सहमति होनी चाहिए, चाहे अलग-अलग या संयुक्त बैठक में
विस्तृत स्पष्टीकरण:
साधारण और वित्तीय विधेयकों की प्रक्रिया: धन विधेयकों को छोड़कर, अन्य सभी साधारण या वित्तीय विधेयकों (जैसे संविधान संशोधन या साधारण कानून) को कानून बनाने के लिए संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) द्वारा पारित किया जाना आवश्यक होता है।
सहमति की अनिवार्यता: विधेयक तभी अधिनियम बनता है जब दोनों सदन उस पर सहमत हों। यदि दोनों सदनों के बीच गतिरोध उत्पन्न हो जाता है, तो राष्ट्रपति अनुच्छेद 108 के तहत संयुक्त बैठक बुला सकते हैं, जहाँ साधारण बहुमत से निर्णय लिया जाता है।
समान विधायी शक्तियाँ: साधारण विधेयकों के मामले में लोकसभा और राज्यसभा दोनों की शक्तियां लगभग समान होती हैं, और दोनों की स्वीकृति (या संयुक्त बैठक में बहुमत) अनिवार्य होती है।
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