Indian Polity · Polity
दोनों सदनों के बीच विधायी गतिरोध को दूर करने के लिए बुलाई गई संयुक्त बैठक के दौरान राज्यसभा को आम तौर पर किस कारण से नुकसान का सामना करना पड़ता है?
- 1क्योंकि उपराष्ट्रपति को इस सत्र में भाग लेने से रोक दिया जाता है
- 2क्योंकि इसके सदस्यों को संयुक्त बैठक के दौरान मतदान करने की अनुमति नहीं होती है
- 3क्योंकि राज्यसभा के नियम पूरी तरह से निलंबित कर दिए जाते हैं
- 4लोकसभा की तुलना में इसकी कम सदस्य संख्या होने के कारण✓
सही उत्तर देखें
लोकसभा की तुलना में इसकी कम सदस्य संख्या होने के कारण
व्याख्या
स्पष्टीकरण:
मुख्य कारण: जब संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के बीच किसी साधारण विधेयक पर गतिरोध उत्पन्न होता है और राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत संयुक्त बैठक बुलाई जाती है, तो निर्णय सामान्य बहुमत (उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत) से किया जाता है।
संख्या बल का अंतर: लोकसभा की कुल सदस्य संख्या (वर्तमान में
- 543) राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या (245) की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है।
नुकसान की स्थिति: चूँकि संयुक्त बैठक में दोनों सदनों के सदस्य एक साथ मतदान करते हैं, इसलिए संख्यात्मक बल अधिक होने के कारण लोकसभा का पलड़ा हमेशा भारी रहता है। इस कारण से राज्यसभा को विधायी गतिरोध के समय नुकसान (या उसकी संख्यात्मक कमजोरी) का सामना करना पड़ता है।
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