History · Ancient Indian History
'त्रिमूर्ति' की अवधारणा किस धार्मिक परंपरा की एक विशिष्ट विशेषता है?
- 1सिख धर्म
- 2हिंदू धर्म✓
- 3जैन धर्म
- 4बौद्ध धर्म
सही उत्तर देखें
हिंदू धर्म
व्याख्या
'त्रिमूर्ति' की अवधारणा हिंदू धर्म की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विशिष्ट विशेषता है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
त्रिमूर्ति का अर्थ: त्रिमूर्ति का तात्पर्य तीन प्रमुख देवताओं से है, जो ब्रह्मांड के क्रमशः तीन चक्रों—सृष्टि (उत्पत्ति), स्थिति (पालन) और संहार (प्रलय/विनाश)—को नियंत्रित करते हैं।
तीन प्रमुख देवता:
ब्रह्मा: इन्हें संसार का रचयिता (सृष्टिकर्ता) माना जाता है।
विष्णु: इन्हें संसार का पालक और संरक्षक माना जाता है।
शिव (महेश): इन्हें संहारक या परिवर्तन लाने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है।
धार्मिक संदर्भ: यह अवधारणा सनातन धर्म (हिंदू धर्म) की पौराणिक परंपरा और दर्शन का एक केंद्रीय स्तंभ है, जो ब्रह्मांडीय ऊर्जा के विभिन्न रूपों को दर्शाती है।
अतः सही उत्तर विकल्प
- (C) हिंदू धर्म है।
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