Indian Polity · Polity Science
जनहित याचिका (PIL) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
- 1उच्च न्यायालय एक पत्र के आधार पर जनहित याचिका का संज्ञान ले सकता है।✓
- 2जनहित याचिका का उद्देश्य समाज के हाशिए पर स्थित वर्गों को न्याय प्रदान करना है।
- 3जनहित याचिका केवल एक पीड़ित पक्ष द्वारा दायर की जा सकती है।
- 4जनहित याचिका, लोकस स्टैंडी के पारंपरिक नियम में छूट है।
सही उत्तर देखें
उच्च न्यायालय एक पत्र के आधार पर जनहित याचिका का संज्ञान ले सकता है।
व्याख्या
प्रश्न का संदर्भ: इस प्रश्न में पूछा गया है कि जनहित याचिका (PIL) के संबंध में कौन सा कथन सही नहीं है (यानी गलत है), और सही उत्तर विकल्प
- (D) है।
मुख्य बिंदु: उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय केवल एक पत्र के आधार पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) या जनहित याचिका के रूप में सामान्यतः कार्यवाही नहीं करते, बल्कि इसके लिए एक उचित याचिका या पत्र याचिका (Letter Petition) का निर्धारित प्रारूप व प्रक्रिया होती है। हालांकि, न्यायपालिका पत्रों को भी याचिका के रूप में स्वीकार कर सकती है, लेकिन तकनीकी रूप से विकल्प
- (B) गलत है कि "जनहित याचिका केवल एक पीड़ित पक्ष द्वारा दायर की जा सकती है", क्योंकि PIL की मूल विशेषता ही यह है कि इसे किसी तीसरे पक्ष या जनहित में कोई भी व्यक्ति/संस्था दायर कर सकती है। (नोट: यदि विकल्प
- (B) और
- (D) दोनों पर विचार करें, तो पारंपरिक लोकस स्टैंडी के नियम के अनुसार पीड़ित के अलावा अन्य द्वारा PIL दायर की जा सकती है, अतः विकल्प
- (B) स्पष्ट रूप से गलत कथन है कि इसे केवल पीड़ित पक्ष द्वारा ही दायर किया जा सकता है।)
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