Science · Lunar Landing Dynamics
चंद्रमा पर उतरने वाले अंतरिक्ष यान के अवरोहण वेग (descent velocity) को धीमा करने के लिए पारंपरिक पैराशूट का उपयोग क्यों नहीं किया जा सकता है?
- 1चंद्र सतह पर मौजूद इलेक्ट्रोस्टैटिक चार्ज पैराशूट में उपयोग की जाने वाली सामग्रियों को विकर्षित करते हैं।
- 2चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल इतना अधिक है कि पैराशूट वजन सहन नहीं कर सकता।
- 3चंद्रमा की सतह का तापमान पैराशूट के कपड़े को तुरंत पिघला देता है।
- 4आवश्यक वायुगतिकीय कर्षण (aerodynamic drag) उत्पन्न करने के लिए चंद्रमा पर पर्याप्त वायुमंडल का अभाव है।✓
सही उत्तर देखें
आवश्यक वायुगतिकीय कर्षण (aerodynamic drag) उत्पन्न करने के लिए चंद्रमा पर पर्याप्त वायुमंडल का अभाव है।
व्याख्या
प्रश्न का सही उत्तर:
- (A) आवश्यक वायुगतिकीय कर्षण (aerodynamic drag) उत्पन्न करने के लिए चंद्रमा पर पर्याप्त वायुमंडल का अभाव है।
विस्तृत स्पष्टीकरण:
वायुमंडल की अनुपस्थिति: चंद्रमा पर पृथ्वी की तरह घना वायुमंडल नहीं है, बल्कि वहां लगभग निर्वात (vacaum) जैसी स्थिति होती है।
कर्षण (Drag) का न होना: पारंपरिक पैराशूट को हवा के कणों (air molecules) के प्रतिरोध या खिंचाव (aerodynamic drag) की आवश्यकता होती है ताकि वे अंतरिक्ष यान की गति को धीमा कर सकें।
असफलता का कारण: चूंकि चंद्रमा पर हवा ही नहीं है, इसलिए पैराशूट खोलने पर भी कोई वायुगतिकीय प्रतिरोध उत्पन्न नहीं होगा और अंतरिक्ष यान की गति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यही कारण है कि वहां पैराशूट का उपयोग नहीं किया जा सकता।
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