Economics · Economics
गरीबी रेखा का आकलन करने के लिए किस समिति की सिफारिशों को आधार माना गया था?
- 1विश्व बैंक
- 2योजना आयोग
- 3लकड़वाला समिति✓
- 4सुरेश तेंदुलकर समिति
सही उत्तर देखें
लकड़वाला समिति
व्याख्या
प्रश्न: गरीबी रेखा का आकलन करने के लिए किस समिति की सिफारिशों को आधार माना गया था?उत्तर:
- (B) लकड़वाला समिति
विस्तृत स्पष्टीकरण:
मुख्य बिंदु: ऐतिहासिक रूप से भारत में लंबे समय तक गरीबी रेखा के आकलन, उपभोग व्यय और कैलोरी खपत के मानदंडों को तय करने के लिए डी. टी. लकड़वाला समिति (Lakdawala Committee) की सिफारिशों को मुख्य आधार माना जाता रहा है।
हालांकि बाद में सुरेश तेंदुलकर समिति और रंगराजन समिति जैसे अन्य आयोगों ने भी अपने नए आंकड़े और पद्धतियां प्रस्तुत कीं, परंतु पारंपरिक और व्यापक रूप से कैलोरी व मूल्य सूचकांक आधारित आकलन में लकड़वाला समिति की पद्धति का बड़ा प्रभाव रहा है। (नोट: यदि यह प्रश्न किसी विशेष पारंपरिक परीक्षा संदर्भ में पूछा गया है, तो लकड़वाला समिति को इसका मुख्य आधार माना गया है, हालांकि बाद के वर्षों में तेंदुलकर समिति ने भी गरीबी रेखा मापने के नए सूत्र दिए थे।)
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