History · Ancient Indian History
कौन सा वेद मुख्य रूप से यज्ञीय सूत्रों, कर्मकांडों और अनुष्ठानों का संग्रह है?
- 1अथर्ववेद
- 2यजुर्वेद✓
- 3सामवेद
- 4ऋग्वेद
सही उत्तर देखें
यजुर्वेद
व्याख्या
यजुर्वेद और यज्ञीय सूत्र व अनुष्ठान
सही उत्तर:
- (C) यजुर्वेद
विस्तृत स्पष्टीकरण और मुख्य बिंदु:
यजुर्वेद का अर्थ: 'यजुस्' शब्द का अर्थ 'यज्ञ' या 'कर्मकांड' होता है। यजुर्वेद मुख्य रूप से यज्ञों के सम्पन्न करने की विधियों, सूत्रों और अनुष्ठानों का संकलन है।
दो भागों में विभाजन: यह एकमात्र ऐसा वेद है जो गद्य और पद्य दोनों में लिखा गया है। इसकी दो मुख्य शाखाएं हैं:
कृष्ण यजुर्वेद: जिसमें मंत्र और उनकी व्याख्याएं गद्य रूप में मिश्रित हैं।
शुक्ल यजुर्वेद: जिसमें केवल मंत्र स्पष्ट रूप से पद्य/गद्य रूप में संकलित हैं (इसे वाजसनेयी संहिता भी कहते हैं)।
अन्य वेदों से तुलना:
ऋग्वेद मुख्य रूप से देवताओं की स्तुति और ऋचाओं का संग्रह है।
सामवेद संगीत और गान से संबंधित है।
अथर्ववेद जादू-टोना, चिकित्सा, रोग निवारण और लौकिक जीवन से जुड़े रहस्यों का संग्रह है।
निष्कर्ष: चूंकि यजुर्वेद में यज्ञीय अनुष्ठानों और कर्मकांडों की पूरी प्रक्रिया का वर्णन है, इसलिए सही उत्तर यजुर्वेद है।
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