Indian Polity · Indian Constitution
कोई केंद्रीय मंत्री कब लोकसभा में वोट देने के लिए पात्र नहीं हो सकता है?
- 1जब वह प्रधानमंत्री द्वारा मनोनीत हैं।
- 2जब वह राष्रपति द्वारा मनोनीत हैं।
- 3जब वह राज्यसभा का सदस्य हैं।
- 4जब वह लोकसभा का सदस्य नहीं हैं।✓
सही उत्तर देखें
जब वह लोकसभा का सदस्य नहीं हैं।
व्याख्या
प्रश्न: कोई केंद्रीय मंत्री कब लोकसभा में वोट देने के लिए पात्र नहीं हो सकता है?सही उत्तर:
- (A) जब वह लोकसभा का सदस्य नहीं हैं।
विस्तृत स्पष्टीकरण और मुख्य बिंदु:
संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 88): भारत के संविधान के अनुच्छेद 88 के अनुसार, प्रत्येक मंत्री को यह अधिकार होता है कि वह किसी भी सदन (चाहे वह लोकसभा हो या राज्यसभा) की बैठकों में बोल सकता है और उसकी कार्यवाही में भाग ले सकता है।
मतदान का नियम: हालांकि कोई भी मंत्री जो राज्यसभा का सदस्य है, वह लोकसभा की बहसों में भाग ले सकता है और बोल सकता है, परंतु वह केवल उसी सदन में मतदान (Vote) करने के लिए पात्र होता है जिसका वह औपचारिक सदस्य होता है।
पात्रता: यदि कोई केंद्रीय मंत्री लोकसभा का सदस्य नहीं है (यानी वह राज्यसभा का सदस्य है या संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं है), तो वह लोकसभा के अंदर किसी भी विधेयक या प्रस्ताव पर मतदान नहीं कर सकता है।
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