General Studies · Cost of Capital
कॉरपोरेट फाइनेंस के संबंध में निम्नलिखित कथनों की सत्यता का मूल्यांकन करें: कथन 1: पूंजी की लागत (cost of capital) की अवधारणा अनिवार्य रूप से वह न्यूनतम प्रतिफल दर (rate of return) है जो एक फर्म को अपने निवेश पर अपने बाजार मूल्य को बनाए रखने और अपने धन प्रदाताओं को संतुष्ट करने के लिए अर्जित करनी चाहिए, जो पूंजी बजटिंग में एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क के रूप में कार्य करती है। कथन 2: भारित औसत पूंजी लागत (WACC) की गणना करते समय, भार आदर्श रूप से उनके पुस्तक मूल्यों (book values) के बजाय पूंजी के विभिन्न घटकों के बाजार मूल्यों (market values) पर आधारित होने चाहिए, क्योंकि बाजार मूल्य वर्तमान अवसर लागतों को दर्शाते हैं। कथन 3: कॉर्पोरेट कर की दर में वृद्धि WACC को कम करने का काम करती है क्योंकि कर की दर बढ़ने पर ब्याज कर ढाल (interest tax shield) का मूल्य बढ़ जाता है, जिससे ऋण की प्रभावी कर-पश्चात लागत कम हो जाती है।
- 1कथन 1 और 3 सटीक हैं, लेकिन कथन 2 पुस्तक मूल्यों पर बाजार मूल्यों को गलत तरीके से प्राथमिकता देता है।
- 2कथन 2 और 3 सटीक हैं, लेकिन कथन 1 पूंजी की लागत के उद्देश्य को गलत परिभाषित करता है।
- 3तीनों कथन सटीक हैं और वित्तीय प्रबंधन के मूलभूत सिद्धांतों को दर्शाते हैं।✓
- 4कथन 1 और 2 सटीक हैं, जबकि कर प्रभाव के संबंध में कथन 3 तार्किक रूप से गलत है।
सही उत्तर देखें
तीनों कथन सटीक हैं और वित्तीय प्रबंधन के मूलभूत सिद्धांतों को दर्शाते हैं।
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