Economics · Corporate Finance
कंपनी के परिसमापन (liquidation) की स्थिति में, इक्विटी शेयरधारकों की तुलना में सामान्य डिबेंचर धारकों का दावा प्राथमिकता क्या होती है?
- 1वे परिसमापन पर संपत्तियों पर अपने सभी दावों को खो देते हैं।
- 2उन्हें भुगतान सभी इक्विटी शेयरधारकों को पूरा भुगतान होने के बाद ही मिलता है।
- 3इक्विटी शेयरधारकों के साथ उनका समान प्राथमिकता का दावा होता है।
- 4लेनदारों के रूप में इक्विटी शेयरधारकों पर उनका तरजीही (पहले) दावा होता है।✓
सही उत्तर देखें
लेनदारों के रूप में इक्विटी शेयरधारकों पर उनका तरजीही (पहले) दावा होता है।
व्याख्या
सही उत्तर:
- (A) लेनदारों के रूप में इक्विटी शेयरधारकों पर उनका तरजीही (पहले) दावा होता है।
विस्तृत स्पष्टीकरण:
अवधारणा: परिसमापन (Liquidation) का अर्थ है किसी कंपनी के कारोबार को बंद करना और उसकी संपत्तियों को बेचकर देनदारियों का भुगतान करना।
मुख्य बिंदु:
चूंकि डिबेंचर धारक कंपनी के कर्जदाता होते हैं, इसलिए कानून के अनुसार कंपनी की संपत्तियों पर उनका अधिकार इक्विटी शेयरधारकों से पहले होता है।
परिसमापन की स्थिति में सबसे पहले सभी बाहरी ऋणों (जिसमें डिबेंचर शामिल हैं) का भुगतान किया जाता है। यदि अंत में कुछ राशि बचती है, तब इक्विटी शेयरधारकों को वितरित की जाती है।
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