General Studies · Marginal Cost of Capital
एक कंपनी इष्टतम पूंजी बजट निर्धारित करने के लिए भारित सीमांत पूंजी लागत (WMCC) दृष्टिकोण का उपयोग करती है। कंपनी देखती है कि बड़े पूंजीगत व्यय के लिए, ऋण और इक्विटी दोनों की लागत काफी बढ़ जाती है। यह अवलोकन किस अवधारणा से संबंधित है, और यह इष्टतम बजट निर्णय को कैसे प्रभावित करता?
- 1अवधारणा: पूंजीगत प्राप्तियां। प्रभाव: बढ़ती लागत जुटाई गई पूंजी के कुल संख्यात्मक मूल्य को कम करती है।
- 2अवधारणा: सीमांत पूंजी लागत (MCC) अनुसूची में ब्रेक पॉइंट। प्रभाव: बढ़ती लागत MCC वक्र को ऊपर की ओर स्थानांतरित करती है, जिससे संभावित रूप से फर्म उन परियोजनाओं को अस्वीकार कर सकती है जिन्हें अन्यथा कम WACC के तहत स्वीकार कर लिया जाता।✓
- 3अवधारणा: जोखिम-मुक्त दर। प्रभाव: बढ़ती लागत 20% से अधिक IRR वाली परियोजनाओं का चयन करके इष्टतम बजट निर्णय को आसान बनाती है।
- 4अवधारणा: फ्लोटेशन लागत और पूंजी की लागत। प्रभाव: बढ़ती लागत को नजरअंदाज किया जाना चाहिए क्योंकि यह एक अस्थायी बाजार विसंगति है।
सही उत्तर देखें
अवधारणा: सीमांत पूंजी लागत (MCC) अनुसूची में ब्रेक पॉइंट। प्रभाव: बढ़ती लागत MCC वक्र को ऊपर की ओर स्थानांतरित करती है, जिससे संभावित रूप से फर्म उन परियोजनाओं को अस्वीकार कर सकती है जिन्हें अन्यथा कम WACC के तहत स्वीकार कर लिया जाता।
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