Chemistry · Triphenylmethane dyes
ऊन, रेशम और कपास (सूती) के कपड़ों को रंगने के लिए मैलाकाइट ग्रीन का उपयोग किस प्रकार भिन्न रूप से किया जाता है?
- 1यह किसी भी परिस्थिति में कपास को नहीं रंग सकता, लेकिन ऊन और रेशम को सीधे रंग देता है।
- 2इसके लिए ऊन के लिए अम्लीय मॉर्डेंट, रेशम के लिए क्षारीय मॉर्डेंट की आवश्यकता होती है, और यह कपास को सीधे रंग देता है।
- 3यह ऊन और रेशम को सीधे रंग देता है, लेकिन कपास के लिए टैनिन मॉर्डेंट की आवश्यकता होती है।✓
- 4यह कपास को सीधे रंग देता है, लेकिन ऊन और रेशम के लिए टैनिन मॉर्डेंट की आवश्यकता होती है।
सही उत्तर देखें
यह ऊन और रेशम को सीधे रंग देता है, लेकिन कपास के लिए टैनिन मॉर्डेंट की आवश्यकता होती है।
व्याख्या
स्पष्टीकरण:
सही उत्तर:
- (B) यह ऊन और रेशम को सीधे रंग देता है, लेकिन कपास के लिए टैनिन मॉर्डेंट की आवश्यकता होती है।
मुख्य बिंदु:
प्राकृतिक प्रकृति: ऊन और रेशम प्रोटीन फाइबर हैं जिनमें अम्लीय और क्षारीय दोनों समूह होते हैं, जिससे मैलाकाइट ग्रीन (एक क्षारीय रंजक) इनके साथ आसानी से आयनिक बंधन बना लेता है और इन्हें सीधे (direct) रंग देता है।
कपास के लिए आवश्यकता: कपास (Cotton) एक सेल्युलोज फाइबर है, जिसके साथ इस रंजक की सीधी आत्मीयता नहीं होती। इसलिए कपास पर इस रंग को पक्का करने के लिए टैनिक अम्ल (Tannic acid) जैसे मॉर्डेंट का उपयोग करना पड़ता है।
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