Chemistry · Chemical Bonding
आयनिक यौगिकों की विद्युत चालकता के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- 1ये केवल अध्रुवीय विलायकों में विद्युत का चालन करते हैं
- 2ये किसी भी अवस्था में विद्युत का चालन नहीं करते हैं
- 3ये पिघली हुई अवस्था और जलीय विलयन में विद्युत के सुचालक होते हैं✓
- 4ये केवल ठोस अवस्था में विद्युत के सुचालक होते हैं
सही उत्तर देखें
ये पिघली हुई अवस्था और जलीय विलयन में विद्युत के सुचालक होते हैं
व्याख्या
प्रश्न: आयनिक यौगिकों की विद्युत चालकता के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
सही उत्तर:
- (B) ये पिघली हुई अवस्था और जलीय विलयन में विद्युत के सुचालक होते हैं
विस्तृत स्पष्टीकरण और मुख्य बिंदु:
ठोस अवस्था में कुचालक: ठोस अवस्था में आयनिक यौगिकों के आयन क्रिस्टल जालक के भीतर अपनी निश्चित स्थिति पर बंधे होते हैं और गति करने के लिए स्वतंत्र नहीं होते, इसलिए ठोस रूप में ये विद्युत का चालन नहीं करते।
पिघली हुई या जलीय अवस्था: जब इन यौगिकों को पिघलाया जाता है (गलित अवस्था) या पानी में घोला जाता है, तो इनके क्रिस्टल टूट जाते हैं और आयन स्वतंत्र रूप से गति करने के लिए मुक्त हो जाते हैं।
चालकता का कारण: स्वतंत्र रूप से गतिशील आयनों की उपस्थिति के कारण ही ये पिघली हुई अवस्था या जलीय विलयन में विद्युत धारा का प्रवाह आसानी से करते हैं।
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