Banking · IRAC Norms and NPA Classification
आय पहचान और परिसंपत्ति वर्गीकरण (IRAC) मानदंड वस्तुनिष्ठ हैं तथा व्यक्तिगत धारणा के बजाय वसूली के रिकॉर्ड पर आधारित हैं। IRAC मानदंडों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: कैश क्रेडिट (CC) खाते के लिए, यदि बैलेंस शीट की तिथि पर लगातार 90 दिनों तक कोई क्रेडिट दर्ज नहीं होता है, तो खाते को 'ऑर्डर से बाहर' (Out of Order) माना जाता है। कथन II: 'दीर्घकालिक फसलों' के लिए कृषि ऋण के मामले में, यदि किस्त दो फसल सत्रों तक अतिदेय रहती है तो खाता NPA बन जाता है। कथन III: NPA खाते को 'मानक' (Standard) में तभी अपग्रेड किया जा सकता है जब उधारकर्ता द्वारा ब्याज और मूलधन की पूरी बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाए। कथन IV: 'वर्टिकैलिटी की अवधारणा' का तात्पर्य है कि यदि किसी उधारकर्ता का एक ऋण NPA है, तो उसी बैंक में उसी उधारकर्ता के अन्य सभी ऋणों को भी NPA के रूप में वर्गीकृत किया जाना चाहिए। कथन V: केंद्र सरकार द्वारा गारंटीकृत ऋण को आय मान्यता के उद्देश्य से NPA वर्गीकरण से छूट दी गई है, भले ही ब्याज 90 दिनों से अधिक समय से अतिदेय हो, हालांकि अतिदेय होने पर प्रावधान (provisioning) आवश्यक है। निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन सही है?
- 1सभी कथन सही हैं
- 2केवल I, III, IV, और V✓
- 3केवल II और III
- 4केवल I और II
सही उत्तर देखें
केवल I, III, IV, और V
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