Economics · Indian Economy
NSSO के आंकड़ों का उपयोग करके भारत में गरीबी रेखा का निर्धारण और गरीबी का अनुमान लगाने के लिए पारंपरिक रूप से कौन सी एजेंसी जिम्मेदार थी?
- 1भारतीय रिजर्व बैंक
- 2विश्व बैंक भारत कार्यालय
- 3वित्त मंत्रालय
- 4योजना आयोग (अब नीति आयोग)✓
सही उत्तर देखें
योजना आयोग (अब नीति आयोग)
व्याख्या
भारत में पारंपरिक रूप से गरीबी रेखा का निर्धारण करने और राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO) के आंकड़ों का उपयोग करके गरीबी का अनुमान लगाने की जिम्मेदारी योजना आयोग (अब नीति आयोग) की थी।
मुख्य बिंदु:
ऐतिहासिक भूमिका: योजना आयोग समय-समय पर गरीबी रेखा तय करने के लिए विशेषज्ञ समितियों (जैसे तेंदुलकर समिति, लकड़वाला समिति आदि) का गठन करता था।
डेटा स्रोत: यह एजेंसी NSSO द्वारा समय-समय पर कराए जाने वाले उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण (Consumer Expenditure Survey) के आंकड़ों के आधार पर देश में गरीबी के स्तर का आकलन करती थी।
वर्तमान स्थिति: वर्ष 2015 में योजना आयोग के स्थान पर 'नीति आयोग' (NITI Aayog) का गठन किया गया, जो अब सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) के माध्यम से देश में गरीबी और विकास का विश्लेषण करता है।
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